Sunday, July 15, 2007

Agni

अग्नि

अग्निदेश से आ रहा मै
अग्निपथ पर जा रहा मै

अग्निवीरो की सन्तान मै
अग्निपत्रो का फ़रमान मै

अग्निकणो की इज़ाद ये इरादे
अग्नि-दग्ध फ़ौलाद ये वादे

अग्निसम उर्ध्वगामी है जीवनपथ
अग्नि तेजपुन्ज मन, तन श्वेद लथपथ

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पंकज जॆन

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